Mahakumbh , Prayagraj 2025
यह महाकुम्भ वेसे तो हर 12 साल मे यहाँ लगता हैं लेकिन जो ग्रह ओर नक्शेत्र इस बार बन रहे हैं वो इस्से पहले 140 साल पहले बने थे मैं कुम्भ मे 15 जनवरी 2025 को रेल से पहुचा ओर प्ररागराज जन्गसन पहुचे ओर वहाँ से ओटो ने हमे मेले के सेक्टोर 17 के नाग्वसुकि मार्ग पर श्री लक्छ्मी नारायन मंदिर लगे गो गोरि गोपाल के पंडाल मे हम रात को रुके ओर सुबह वही से पेदल जाकर संगम घाट पर सनान किया ओर फिर बडे हनुमान मंदिर दरशन किए ओर अकश्य वट को देखा जो कि संगम घाट के पास बने किले मे हि था ओर उसी मे पाताल्पुरी ओर सर्श्वती मंदिर के दर्सन किए वहि पर सेना के सहिदो का एक मेमोरियल भी हैं फिर वहि पर बने फूड प्लाजा मे कुछ खाया ओर फिर बहार निकल कर सामने एक शिव मंदिर था उसके बाहर से हि दर्शन किए क्योकि बहुत भिड. थि ओर हमे आगे बहुत दुर फिर पेदल हि जामा था फिर हम संख द्वार से होते हुए फिर अपन रात वाले पंदाल मे पहुचे ओर वहि पर अनुरुधाचार्य जी के प्रवचन सुने ओर वही पर पंडाल मे रात बिताई थी सुबह नागवाशुकि मंदिर गए ओर वहि से सहिद चंद्र सेखर आजाद मेमोरियल स्थल गए वहि से प्रयाग जन्क्सन पहुचे ओर हमारी गाडी पहि पर...